Friday, 4 October 2013

तक धिना धिन ता -ता थैया ,




तक धिना धिन ता -ता थैया ,
नाचे मनमोहन नचावे मैया .
ताल दे दे गावे राहुल भैया .
तक धिना धिन ता -ता थैया ..
कागज के टुकडन पे नाचे ...और बलिहारी जाय 
वोट पड़ेगे कितने भैया ..कुछ भी कहा न जाए 
राग चले सर धुनि अपने नटत नचैया
तक धिना धिन ता - ता थैया .
नाचे मनमोहन नचावे मैया .
ताल दे दे गावे राहुल भैया .
तक धिना धिन ता -ता थैया .- विजयलक्ष्मी

2 comments:

  1. नमस्कार आपकी यह रचना कल शनिवार (05-10-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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