Tuesday, 15 April 2014

"संजय बारु का बारूद ,पलीता लगा गये पारीख ,

"संजय बारु का बारूद ,पलीता लगा गये पारीख ,
चर्चा गर्म अखबारी हुई ,जनता लगाएगी तारीख़ .

बंद कली सा चटखने लगेगा मनमोहन का मौन
कौन शातिर कौन मासूम,जनता लगाएगी तारीख .

मरता नहीं कोई भूख से थी डॉक्टर की यही रिपोर्ट .
आंतें सूखी हैं लाश की ..लिख ,पड़ जायेगी तारीख़

नजर की कमजोरी से दिमागी जनाजे उठ चले थे 
सत्य खामोशी से मरा, दुनिया पा जाएगी तारीख .

सियासती राह भी झूठ संग खड़ी मिली दर कदम
मौत की बिसात पर ,,जिन्दगी पा जाएगी तारीख."-- विजयलक्ष्मी

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