Tuesday, 29 July 2014

मल्हार ( सावन के गीत )

आओ सखियों सावन के गीत हो जाये तीज की शुभ कामनाओ के साथ ..

अरी बहिना राधा के संग घनश्याम
झूला तो झूले नेह सो 

नवरंगी डोरी को झूला पड़ रह्यो जी -- 2
अरी बहिना हिलमिल झुलावे बृजबाम
झूला तो झूले नेह सो
अरी ...

चन्दन की पटुली बहिना मणि जड़ी जी -- 2
अरी बहिना तार सुनहरी जडो काम
झूला तो झूले नेह सो
अरी ...

लम्बे लम्बे झोटे सखियाँ दे रही जी -- 2
अरी बहिना कान्हा को ले लेके नाम
झूला तो झूले नेह सो
अरी ..

गावे अकेला नित करी कथन जी --2
अरी बहिना वास मिलो है बृजधाम
झूला तो झूले नेह सो
अरी ....

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