Tuesday, 11 November 2014

" नेता ने बोझ कहा धरती का,,,,,"

खुद को घड़ना हर दिन ,दरकने के बाद ,
कोई वक्त नहीं बदलता जिन्दगी गुजरने के बाद .

हर कहानी में छिपी कहानी है यहाँ
इतिहास बदला भी कब किसी के मरने के बाद

मर गया रिक्शा चलाने वाला कार से
नेता ने बोझ कहा धरती का वोट पड़ने के बाद

वो जो बेवा हुई गजब की खूबसूरत है
हर किसी की निगाह में चढ़ी रंग उतरने के बाद
--- विजयलक्ष्मी 

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