Sunday, 10 September 2017

तेरे बाद तेरी औलाद को भी तडपायेगें ||

जय भीड़वाद का ढंग 
होश में आओ ,,
आओ भीड़ बनाओ ,, 
तलवार उठाओ ,,
पत्थरबाज बन जाओ 
कत्लेआम मचाओ ,,
फिर सन्नाटा बरपाओ
कोई बोले तो चिल्लाओ ,,
मिडिया को नोट पिलाओ ,,
और ख़ामोशी करो इख्तियार ,,
अरे ओ मानवाधिकार वालो ...
मानव के लिए भी कभी मानवता की बेल उगालो
रिश्वत के पेड़ ज्यादा नहीं चलते
याद रखना ..
रिश्वत देने वाले फिर तेरे बाप से नहीं डरते ,,
एक दिन तुझे भी खा जायेंगे ..
तेरे बाद तेरी औलाद को भी तडपायेगें ||

No comments:

Post a comment