Thursday, 20 October 2016

*चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल*

*चिकनगुनिया के दर्द से राहत दिलाने वाला तेल*
*स्वस्थ भारत की और छोटा सा कदम........👣👣*
कोशिश आपके घर में बीमारी के कारण कोई भी दुखी न हो और *प्रत्यके भाई ओर बहन के चहरे पे ख़ुशी के लिए
सामग्री :-
50 ग्राम सरसों का तेल
50 ग्राम सफेद तिल का तेल
15 लौंग
1 टुकडा दालचीनी
2 टेबल स्पून अजवायन
1 टेबल स्पून मेथी दाना
15 लहसुन की कली बारिक कटी हुई
1 छोटा टुकडा अदरक पिसा हुआ
1 टी स्पून हल्दी
2 बडे पीस कपूर
1 टेबल स्पून एलोवेरा जैल
विधि :-
कढाई मे दोनो तेल डाल कर तेज गैस पर गर्म करो फिर गैस को धीमी करके हल्दी और कपूर को छोड कर सारी चीजो को डाल दो , जब तक सारी चीजे जल न जाए और उन का सत तेल मे ना आ जाऐ , करीब 20-25 मिन्ट लगेंगे इन्हें जलने मे जब ये भून जाएगें तब तेल का रंग गहरा हो जाएगा फिर गैस बंद कर दे और उसमे हल्दी ,कपूर मिला दे जब तक कपूर घुल ना जाए तब तक तेल को ठंडा होने दे फिर तेल को छान कर एक शीशी मे भर कर रखो , कैसा भी बुरा दर्द हो इससे मालिश से गायब हो जाएगा
कृप्या कोई भी पेन किलर ना खाऐ तबियत खराब हो जाएगी चिकन गुनिया मे ये तेल बहुत असरदार है बनाकर मालिश करके देखे जिन्हे तकलीफ हो
चिकनगुनिया मे पैरो मे और जोइंट पेन ज्यादा होता है यह तेल 100% फायदेमंद है लगाते ही आराम आना शुरू हो जाएगा पहले दिन से . दिन मे 3 बार मालिश करें |
💪🏻 *स्वस्थ भारत के निर्माण मैं अपना सहयोग प्रदान* 😎करे और अभी इन दिनों में यह प्रॉब्लम बहुत बढ़ चुकी है"

Thursday, 13 October 2016

.......... अश्रु है ||

उलझे मन की पीड़ा का सार अश्रु हैं ,,
ईश्वरीय तारतम्य का विस्तार अश्रु हैं 
सत्य की जीत ,,झूठ की हार अश्रु है 
समर्पित प्रेम-प्रीत संग व्यवहार अश्रु है ||


मंजिल पर नये कदम की रार अश्रु है

यूँ लगता है जैसे जीवन श्रृंगार अश्रु है
ढलते हुए भावों का शब्द सार अश्रु हैं
पलकों पर उभरते हुए अशरार अश्रु हैं ||


भीतर शिराओ में बहती धार अश्रु है
धमनियों संग लहू की तकरार अश्रु है
नव जीवन अंकुरण का सत्कार अश्रु है
दर्द की बिनाई पर अभिसार अश्रु है ||


राष्ट्रभक्ति पर व्यंग्यात्मक वार अश्रु है
ह्रदय-ताल पर संजोया व्यापार अश्रु है
आत्मीयता के क्षणों का उद्गार अश्रु है
उजागर होते सत्य का प्रसार अश्रु है ||


अविकारी अगम्य लक्ष्य-टंकार अश्रु है
स्याह-समयचक्र भेदता प्रहार अश्रु है

चारित्रिक ढकोसले का प्रतिकार अश्रु  है 
मानवता पर रचा अत्याचार अश्रु है  ||

तथ्यों पर कथ्यों का व्याभिचार अश्रु है 
सन्तति जीवन-रचना संस्कार अश्रु है
सृजनात्मक ऊर्जा का संचार अश्रु  है
अंधकूप सा कलुषित विकार अश्रु है  ||

जीवन लीलता मानव-अहंकार अश्रु है
उपयोगिता - उपभोग अधिकार अश्रु है
मृत्यु-जीवन-बीज दर्प सृजनकार अश्रु है
नव-जीवन पर कुंठित संहार अश्रु है  ||     ----- विजयलक्ष्मी


Friday, 30 September 2016

" सर्जिकल स्ट्राइक का प्रारम्भ भारत में हुआ था "

2 अक्टूबर ... अपने हिस्से की सफाई शुरू करो न ...... !!
आतंक स्वच्छता अभियान के तहत "साफ़ हुए आतंकी पचास के लगभग " ||
जयहिंद की सेना ||
देश के भीतर की स्वच्छता नागरिको की भी जिम्मेदारी बनती है..||
भारतीय नागरिक



आज मौसम कुछ रंगीन हो गया है ,,
मौका ए वारदात संगीन हो गया है,,
गरजने वाले लरजने लगे हैं दखिये
खुशरंग पड़ोसी गमगीन हो गया है
---------- विजयलक्ष्मी



शहीद ए आजम भगतसिंह को समर्पित रात का सर्जिकल स्ट्राइक .........क्यूंकि इसकी शुरुआत तो 28 सितम्बर को ही हुई................ जयहिंद !!
आज भारत  के असहिष्णु  होने  पर  गर्वित  हूँ ||



होम डिलीवरी सेवा :p :-- 72 हूरो से मिलने के लिये तार फांदने की भी जरूरत नही ॥
भारतीय सेना ॥जय हिन्द की सेना ॥





हूर मिलन होम डिलीवरी सेवा अनुभव, ,, " म्यांमार से मियांमार तक ॥"
भारतीय सेना ।



शुक्रिया अदा करना भी अदावत समझी ,,
रंग दुश्मनी ,दोस्ती भी बगावत समझी ,,
----- विजयलक्ष्मी


सर्जिकल स्ट्राइक का प्रारम्भ भारत में हुआ था ...
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लंका दहन से शुरू हुआ अभी तक जारी है ,,
वो त्रेता युग का ज्ञान कलयुग तक तारी है --------- विजयलक्ष्मी

""अरे ओ पाकिस्तान तेरा इलाज है एक ""

""अरे ओ पाकिस्तान तेरा इलाज है एक ""
अखंडभारत में छपी हमारी लेखनी यथार्थ हुई ...!!
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""अरे ओ पाकिस्तान तेरा इलाज है एक ,,

हम भारतीयों का इरादा भी है नेक
सुन ले खोलकर कान तुझको न होगा भान
काश्मीर है अंग हमारा देश है हिन्दुस्तान .||
अपने चमचो करछो को कहदे ..चुप होकर बैठ रहे ..
न हो जो जेब में धरा उसको भी हम ऐंठ ले
अब सन सैंतालिस वाली बात नहीं ...
काश्मीर को भूलकर अपनी जान बचा ..
रखना ध्यान ये है तेरे अस्तित्व का फरमान ||
याद रख जुबा पर लगा लगाम
ये देश भगतसिंह सुभाषचंद्र आजाद का है
यहाँ राम पूजे जाते हैं ... काली का खप्पर खाली है
गीता कृष्ण पढाते हैं ,, यहाँ सैनिक खुद ही बन जाते हैं
कोई लालच काम नहीं करता ,,देशभक्ति का रंग नहीं उतरता
" चुप " न हो इरादा बदल जाए और नक्शे से " पाक - साफ़ ,"",
दुनिया रह जाएगी हैरान || ""
----- विजयलक्ष्मी

युद्ध ... छद्म युद्ध की छाया में पिछले तीस बरस से जी रहे हैं .... तो क्यूँ न एक बार खुले तौर पर हो जाये ....जिन्हें सर्जिकल स्ट्राइक का मतलब नहीं पता वो उलटी नदी बहाने के स्थान पर देश की जनता के हौसले और ख़ुशी को देखकर भी समझ सकते हैं ..अन्यथा सडक पर उतर कर किसी से भी बूझे..अच्छे से समझा दिया जायेगा ..|
घर के विभीषण कभी छिपकर कभी खुलमखुला अपना असहनीय दर्द उजागर करने पर उतारू हैं........ एक बात आपसे ...सबकुछ सरकार करेगी तो कुछ तो आप भी कीजिये न ........ अरे दूसरों का पक्ष न लेक
र सेना का मनोबल बढाइये ....... आप कलाकार है सबको पता है किन्तु आप नागरिक भी है कलाकारी करते करते नागरिक होने के कर्तव्य मत भूलिए साहिब ...|
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जय भवानी ||
हम अपनी कलम को तलवार बनायेंगे
देशभक्ति पूरित वीरगाथा ही दोहराएंगे
मन के उदगार प्रेमिल जोर जोर गायेंगे
कायर नहीं गीदड़-भभकी से डर जायेंगे
याद रख ए पाक जानते हैं नापाक इरादे
मार-मार भारत क्या दुनिया से भगायेंगे
सुन प्यारे ,,सोते हुए शेर जगाये हैं तूने
नवरात्र आ गये, भवानी का भोग लगायेंगे
----------- विजयलक्ष्मी
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सर्जिकल स्ट्राइक का प्रारम्भ भारत में हुआ था ...
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लंका दहन से शुरू हुआ अभी तक जारी है ,,
वो त्रेता युग का ज्ञान कलयुग तक तारी है
--------- विजयलक्ष्मी

Wednesday, 28 September 2016

एक फैसले से.........||

मैं दुश्मन को खत्म तो कर दूं ,, एक फैसले से ,,
भीतर घर के उठेगा.तूफ़ान .मेरे दिए फैसले से ||
जो नमक खाकर नमकहरामी कर रहे हैं यहाँ
उन्हें बतानी है शैह औ मात,,मेरे इक फैसले से ||
दरकते दिलों में नफरत है अनजाना खौफ भरा
करना है उसका भी हिसाब ,,मेरे इसी फैसले से||
लहू में पानी मिलाऊ ,या प्यास का करूं हिसाब
बहीखाता भी करना है बराबर मेरे हर फैसले से ||
कत्ल औ जख्म गिने ही नहीं अभी कितने खाए
दुश्मन का होना है इलाज ,मेरे किये फैसले से ||
--------- विजयलक्ष्मी